Tere Pas to Baithna Khub Chahta Hun

तुझे प्यार जताना खूब चाहता हु | Tujhe Pyar Jatana Khub Chahta Hu.

 तुझे प्यार जताना खूब चाहता हु | Tujhe Pyar Jatana Khub Chahta Hu.

Tujhe Pyar Jatana Khub Chahta Hu pyar wala poem Ishq wala Poem

Tujhe Pyar Jatana Khub Chahta Hu pyar wala poem Ishq wala Poem

तेरे पास बैठना तो खूब चाहता हु,
तुझे प्यार जताना खूब चाहता हु,
तेरे हर आदाओ के साथ खेलना खूब चाहता हूं.

तुझे प्यार जताना खूब चाहता हु,
तेरे बांहों सोकर सब कुछ खो देना चाहता हूं
तेरी ओढ़नी को ओढ़कर तेरी ही यादों में खो जाना चाहता हु,
तेरी ही आँखों में खुद की तस्वीर देखना चाहता हु.

पास बैठना तो खूब चाहता हु,
तुझे प्यार जताना खूब चाहता हु,
तेरे हर आदाओ के साथ खेलना खूब चाहता हूं.

तेरी उन रेशमी बालों की सुर्बुराहतों को अपने चेहरे पर फेरना चाहता हु,
तेरी ओंठो को चूम कर तेरी सारी बातों को अपने दिलों में उतरना चाहता हु
तेरी नरम नरम हांथो के स्पर्श को महसूस करना चाहता हु,
बस तेरे पास बैठना तो खूब चाहता हु,

पर मेरी भी कुछ मज़बूरी है,
जिसे सुनाना चाहता हु,
साथ तो न दे सकूँगा तेरा
ऐसी बात बताना चाहता हु,
डरता हूँ, तेरी आँखों में किसी और के सपने ने देखने लग जाए,
इसी डर से कोई बात ऐसी न कर जाऊ इस बात को तुझसे छुपाना चाहता हु.
बस तेरे पास बैठना तो खूब चाहता हु,

एक बात तुझे बतानी है,
जिन रिश्तों को तू मेरे संग बनाई है,
उन रिश्तों पर तुझ पर हंसी, और मुझपर सारी बदनामी है।
झेल लेना चाहता हूं, इन बदनामी को,
पर इन सब से ज्यादा, तेरे और मेरे घर की भी तो जिम्मेदारी है।
टूट जायेंगे वह जब बात यह जानेगे, मै अपनी ख़ुशी के खातिर उन्हें धोका नहीं दे सकता,
पर बात ही ऐसी है, तुमसे प्यार किया है, तुम्हे दूर नहीं रख सकता.

लेकिन सच बतायूँ तुझे प्यार जताना खूब चाहता हूं
बस तेरे पास बैठना तो खूब चाहता हु,

Poem By: Ramesh Kahar (Ramesh Bharatiya)

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